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बच्चों को कितने घंटे सोना चाहिए?

जन्म से लेकर तीन महीने: यह समय नन्हा शिशु अधिकतर सोने में ही बीतता है। एक स्वस्थ बच्चा तीन महीने तक 14 से 17 घंटे सोने में ही व्यतीत करता है। लेकिन अगर आपका बच्चा इससे कम यानि 11 से 13 घंटे ही सोता है तो यह भी एक सामान्य बात ही है ।

16 August 2017

सबसे बेहतरीन तेल बच्चों के मसाज के लिए

नारियल का तेल: नारियल के तेल से मालिश करने से शिशु की मांसपेशियाँ बहुत मजबूत बनती हैं। सर्दी और गर्मी, दोनों मौसम में इस्तेमाल किया जाने वाला यह तेल शरीर में आसानी से जज़्ब हो जाता है। अगर शिशु के स्नान के बाद हल्के हाथ से इस तेल की मालिश करी जाए तो इससे स्किन में नमी बनी रहती है। एंटी औक्सीडेंट और एंटी फंगल गुणों के कारण नारियल के तेल की मालिश बच्चों की स्किन को पूरी तरह से सुरक्शित रखती है।

16 August 2017

बच्चों की देखभाल के इन अजीब रिवाजों को जानकार चौंक जाएंगे आप

शायद आपको लगता है की बच्चे की देखभाल करना सिर्फ माता-पिता का ही कर्तव्य है और विदेशों में ऐसा कुछ नहीं होता है। तो आप यहाँ पूरी तरह से गलत है। वास्तविकता तो यह है की विश्व के हर कोने में सरकार भी इस काम में परिवार का सहयोग करती है। उनका मानना है बच्चे को नज़र से बचाना ही नहीं बल्कि उनके सर्वांगीण विकास के लिए किए जाने वाले विभिन्न काम उनकी देखभाल का ही एक ज़रूरी हिस्सा है जिसको पूरा करना सबका कर्तव्य है।

16 August 2017

जुड़वां बच्चे पैदा होने के क्या कारण होते हैं?

‘सीता और गीता’,‘राम और श्याम,’‘लव और कुश’ इन फिल्मों को आपने देखा ही होगा। क्या आप बता सकते हैं की क्या एक बात कॉमन हैं इन सभी फिल्मों में। जी हाँ, बिलकुल सही पहचाना आपने, यह सभी फिल्में जुड़वां बच्चों की कहानी पर आधारित हैं। घर की रौनक दुगुनी हो जाती है जब आप किसी घर में जुड़वां बच्चों की किलकारियों को गूँजता देखते हैं। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है की जुड़वां बच्चे होने के क्या कारण हो सकते हैं? आइये कुछ ऐसी ही बातों का पता करें जिनसे जुड़वां बच्चे पैदा होने की संभावना अधिक होती है।

16 August 2017

बच्चे को कब-कब और कितना दूध पिलाना चाहिए

भारत में कुछ समय पहले तक संयुक्त परिवार व्यवस्था का चलन था। इस कारण शिशु के गर्भ में आने से लेकर कुछ बड़े हो जाने तक का समय घर की बुजुर्ग महिलाओं की संगत में गुजर जाता था। लेकिन समय के बदलाव ने इस व्यवस्था को लगभग समाप्त कर दिया और आज आधुनिक युवतियाँ अधिकतर सिंगल यूनिट परिवार में रहतीं हैं। इस कारण शिशु जनम से ही कुछ ऐसे सवाल खड़े हो जाते हैं जिनके बारे में सही उत्तर न मिलने पर माँ और बच्चे दोनों को असुविधा हो सकती है। शिशु जनम के बाद सबसे पहले बच्चे को दूध पिलाने के समय को लेकर आती है।

16 August 2017

क्या आपका बच्चा भी रात को सोते समय दांत पीसता है।

कहते हैं की बचपन की नींद तो सुहानी होती है। यही वो समय है जब एक बच्चा सब चिंता और परेशानी से मुक्त होकर चैन की नींद सोता है। लेकिन क्या आप इस बात से सहमत नहीं है, क्यूंकी आपका बच्चा ऐसा नहीं कर पाता है। क्या उसकी वजह उसका सोते समय दाँत पीसना है। अगर हाँ तो आपको थोड़ा इस ओर ध्यान देने की ज़रूरत है। यह कोई सामान्य बात नहीं है। आइये आपको बताएँ की रात को बच्चा क्यूँ दाँत पीसता है :

16 August 2017

क्या आपका बच्चा दूध पीने के बाद उलटी कर देता है?

माँ बनना हर नारी के लिए एक अनोखे आनंद और रोमांच की अनुभूति देने वाला अवसर होता है। लेकिन इस अवसर की खुशी उस समय धूमिल होती प्रतीत होती है जब नवजात शिशु किसी प्रकार की कठिनाई का सामना करता है। यह तो सब जानते हैं की जन्म देने के बाद नन्हा शिशु अपने आहार के लिए पूरी तरह से माँ के दूध पर निर्भर होता है। लेकिन जब यही दूध उसके शरीर में जाकर उसका पोषण करने के स्थान पर वापस उल्टी के रूप में बाहर आ जाता है तो माँ का चिंतित होना अवश्यंभावी है।

16 August 2017

बच्चों का लम्बाई बढ़ाने का आसान घरेलु उपाय

परिवार का हर सदस्य उस समय खुशी में झूम जाता है जब एक नन्हा शिशु दुनिया में अपना पहला कदम रखता है। समय के साथ उसका रंग और रूप निखार आता है जिससे परिवार के सभी सदस्यों की खुशी दिनों-दिन बढ़ती जाती है। लेकिन जब रंग तो निखरता है लेकिन कद छोटा रह जाने के कारण रूप पूरी तरह नहीं निखर पता है तो इस खुशी की लहर में कमी आ जाती है। यह सब जानते हैं की जब किसी व्यक्ति का व्यक्तित्व किसी कारण से कम होता है तो उसके आत्मविश्वास में भी कमी आ जाती है। इसलिए प्रत्येक माता-पिता यह प्रयत्न करते हैं की उनके बच्चे में किसी भी प्रकार की शारीरिक या मानसिक कमी न हो। ऐसे में जब उन्हें इस बात का अहसास होता है की उनके बच्चे का कद या लंबाई सामान्य से कम है तो वो हर संभव कोशिश से उसे दूर करने की कोशिश करते हैं।

16 August 2017

छोटे बच्चों को मच्छरों से बचने के सुरक्षित तरीके

भारत देश के वातावरण में मिले-जुले मौसम का असर दिखाई देता है। यहाँ आप सर्दी, गर्मी, बरसात और नमी जैसे मौसम का भरपूर आनंद ले सकते हैं। मूलतः गरम देश होने के कारण यहाँ मच्छर का होना अवश्यंभावी है। आपके आस-पास का स्थान और वातावरण कितना भी स्वस्थ और स्वच्छ क्यूँ न हो, आपका घर मच्छर मुक्त नहीं हो सकता है। मच्छरों के होने से न केवल सोने में असुविधा होती है बल्कि अनेक बीमारियाँ भी जन्म लेती हैं। विशेषकर छोटे बच्चे मच्छरों के उत्पात से ज्यादा परेशान होते हैं। बच्चों के शरीर की कोमलता और उनके लिए अनिवार्य कोमल वातावरण को देखते हुए मच्छरों को भागने के उपाय निम्न हो सकते हैं:

16 August 2017

Baby Exercises

imple exercises will help your little one grow up big and strong.

30 September 2017

Autism

how to recognize the signs of autism in your child

30 September 2017

Baby's Sleeping Issue

Tired of your baby staying awake late into the night? Learn how to get him a good night's sleep with these baby sleep solutions.

30 September 2017

Outdoor Activities

plenty of ways to get your child off the sofa and in the great outdoors.

29 September 2017

Kids Nutrition

Every parent has heard that children should be eating a "balanced diet." But a balance of what? Get the scoop on necessary nutrients for kids.

28 September 2017

Kids Language Development

Fun, simple ways to help bring out your toddler's budding language skills.

28 September 2017

Bed Wetting

Worried about your child wetting the bed?

27 September 2017

Kid's Allergy

Depending on your child's age, common nasal and skin allergies can cause hives, asthma, and coughing. Learn to spot the signs of allergies in children to give treatment.

27 September 2017

HOMESCHOOLING

what's involved when parents educate their kids at home.Learn about the homeschooling

21 September 2017