+91 9810398128

info@pridemybaby.com

+91 9810398128

a9@urag@gmail.com 0 items - $0.00

लालच का फल

लालच का फल


लालच का फल

सुन्दर वन में सभी जानवर मिलजुल के रहते थे अचानक चारो ओर सुंदरवन में उदासी छा गयी। वन को एक अज्ञात बीमारी ने घेर लिए था। सभी जानवर इस बीमारी के कारण अपने परिवार का कोई न कोई सदस्य खो रहा था। इस बीमारी से मुकाबला करने के लिए सुंदरवन के राजा शेर सिंह ने बैठक बुलाई।

बैठक का नेतृत्व खुद शेर सिंह ने किया। बैठक में गज्जू हाथी, लंबू जिराफ, शाइनी सांप, चिंपू बंदर,गिलू गिलहरी,कीनू खरगोश सहित सभी जंगलवासी आये।

जब सभी जानवर इक्कठे हो गए, तब शेर सिंह एक उचे पत्थर पर बैठ गए और सभी जंगलवासियों से कहा-“दोस्तों, वन में बीमारी फैलने के कारण हम अपने कई साथीयो को खो चुके है इसलिए हमे इस बीमारी से बचने के लिए वन में अस्पताल खोलना चाहिए ताकि सुंदरवन में ही बीमार जानवरो का इलाज हो सके।“

इस बात पर जंगलवासियों ने एतराज जताते हुए कहा की इस अस्पताल के लिए पैसा कहाँ से आएगा और अस्पताल में डॉक्टरों की जरुरत पड़ेगी....?? इस बात को काटते हुए शेर सिंह ने कहा-"इस के लिए पैसा हम सभी मिलकर इक्क्ठा करेंगे", यह सुनकर कीनू खरगोश बोला-"महाराज! मेरे दो मित्र चंपकवन के अस्पताल में डॉक्टर है,मैं उन्हें यहां के अस्पताल में ले आऊंगा।"

सारी बात का निश्चय होने के बाद इस फैसले का समर्थन सभी जंगलवासियों ने किया। अगले दिन से ही गज्जू हाथी व लंबू जिराफ ने अस्पताल के लिए पैसा इक्कठा करना शुरू कर दिया। राजा शेर सिंह ने तय किया कि अस्पताल का आधा खर्च वे स्वयं करेंगे और आधा जंगलवासियों से इकठ्ठा किया जाएगा। कुछ समय बाद जंगलवासियों की मेहनत रंग लायी और अस्पताल बन के तैयार हो गया था। कीनू खरगोश ने अपने दोनों डॉक्टर मित्रो को सुंदरवन के अस्पताल में बुला लिया। 


1 2 3

Hot Posts

Related Posts