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जुड़वां बच्चे पैदा होने के क्या कारण होते हैं?

जुड़वां बच्चे पैदा होने के क्या कारण होते हैं?


सीता और गीता’,‘राम और श्याम,’‘लव और कुश इन फिल्मों को आपने देखा ही होगा। क्या आप बता सकते हैं की क्या एक बात कॉमन हैं इन सभी फिल्मों में। जी हाँ, बिलकुल सही पहचाना आपने, यह सभी फिल्में जुड़वां बच्चों की कहानी पर आधारित हैं। घर की रौनक दुगुनी हो जाती है जब आप किसी घर में जुड़वां बच्चों की किलकारियों को गूँजता देखते हैं। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है की जुड़वां बच्चे होने के क्या कारण हो सकते हैं? आइये कुछ ऐसी ही बातों का पता करें जिनसे जुड़वां बच्चे पैदा होने की संभावना अधिक होती है।

 

सीता-गीताया लव-कुशका जनम का रहस्य:

आप तो यह जानते ही होंगी की जब एक ही प्रसव में दो शिशु एक साथ जन्म लेते हैं तो यह स्थिति जुड़वां बच्चों के जन्म की कहलाती है। लेकिन क्या आप यह जानते हैं की जुड़वां बच्चे दो प्रकार के होते हैं । एक प्रकार जिसमें दो बच्चे हर प्रकार से एक जैसे होते हैं और उनमें किसी भी प्रकार का अंतर नहीं किया जा सकता है। मेडिकली इस तरह के बच्चों को मैनोंजैगोटिक कहा जाता है।  दूसरी स्थिति में दो बच्चे बिलकुल एक जैसे होते हैं होते एक ही प्रसव से हैं लेकिन अलग-अलग समय में और एक दूसरे से बिलकुल अलग प्रवृति के होते हैं ऐसे बच्चे को डाइज़्गोटिक कहा जाता है। आइये देखें ये कैसे होता है :

 

क्या आप जानते हैं की जुड़वां बच्चे क्यूँ होते हैं:

यह तो सब जानते हैं की गर्भ ठहरने से लेकर प्रसव होने तक का समय प्रत्येक युगल के लिए बड़ा रोमांच भरा होता है। यह रोमांच अपनी चरम सीमा पर पहुँच जाता जब उन भावी माता-पिता को अपने घर में जुड़वां बच्चों के होने का पता लगता है। तब वो यह सोचते हैं की ऐसा किस प्रकार संभव हुआ। तो आइये जरा देखें उन कारणों को जो जुड़वां बच्चे होने के लिए जिम्मेदार हो सकते हैं:

 

  1. आनुवंशिकता:

अगर माता या पिता के वंश में पहले किसी के जुड़वां बच्चे का जन्म हुआ हो तो इस घटना के दोबारा घटने की संभावना बहुत प्रबल हो जाती है।

 

  1. शारीरिक बनावट:

विचित्र किन्तु सत्य है की यदि किसी महिला का बीएमआई 30 से अधिक हो तो वह महिला जुड़वां बच्चों की जन्मदात्री बन सकती है।

 

  1. गर्भवती की उम्र:

गर्भधारण करते समय यदि आपकी उम्र 30-40 वर्ष है तो इस समय फोलिकलस्टियमुलेटिंगहार्मोन जो एक ओवरिज की क्रियाशीलता को प्रभावित करते हैं, के निर्माण में कमी आ जाती है। इससे भी जुड़वां बच्चों की संभावना बढ़ जाती है।

 

  1. गर्भनिरोधक गोलियां:

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