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बच्चे को कब-कब और कितना दूध पिलाना चाहिए

बच्चे को कब-कब और कितना दूध पिलाना चाहिए


भारत में कुछ समय पहले तक संयुक्त परिवार व्यवस्था का चलन था। इस कारण शिशु के गर्भ में आने से लेकर कुछ बड़े हो जाने तक का समय घर की बुजुर्ग महिलाओं की संगत में गुजर जाता था। लेकिन समय के बदलाव ने इस व्यवस्था को लगभग समाप्त कर दिया और आज आधुनिक युवतियाँ अधिकतर सिंगल यूनिट परिवार में रहतीं हैं। इस कारण शिशु जनम से ही कुछ ऐसे सवाल खड़े हो जाते हैं जिनके बारे में सही उत्तर न मिलने पर माँ और बच्चे दोनों को असुविधा हो सकती है। शिशु जनम के बाद सबसे पहले बच्चे को दूध पिलाने के समय को लेकर आती है।

 

बच्चे को दूध कब पिलाएँ:

शिशु जन्म के बाद उसकी माँ से सबसे पहली पहचान माँ के स्पर्श और उसके बाद माँ के दूध से होती है। माँ के दूध की महक ही है जो माँ और बच्चे के बंधन को मजबूत बनाती है। यह महक समय से बच्चे को मिलती रहे इसके लिए जरूरी है की बच्चे को माँ का दूध भी समय से मिलता रहे। इसके लिए आपको कुछ बातों का ध्यान रखना जरूरी है जैसे:

  1. बच्चे के जन्म के बाद लगभग एक से दो घंटे के अंदर माँ को अपना दूध शिशु को पिलाना चाहिए। शोध रिपोर्ट से यह सिद्ध हो चुका है की प्रसव के बाद माँ का प्रथम दूध बच्चे को स्वस्थ रखने के लिए बहुत ज़रूरी है।
  2. नवजात शिशु को प्रथम माह में हर दो घंटे में दूध पिलाना चाहिए। अगर इस बीच बच्चा सो जाता है तो उसके जागने का इंतज़ार न करके बल्कि उसे उठा कर दूध पीला दें।
  3. अगर कभी आपको महसूस हो की बच्चा अपना मुंह इधर-उधर मार रहा है तो समझ जाएँ की वो भूखा है और उसे दूध की तलाश है इसलिए उसे फौरन दूध पीला दें।

 

बच्चा को दूध कितना पिलाएँ :

प्रकृति के अनुसार हर बच्चा अलग होता है। इसलिए दूध के लिए उसकी मांग भी अलग होती है। कुछ बच्चे माँ द्वारा दिये गए एक बार के दूध से संतुष्ट हो जाते हैं तो कुछ बच्चे बार-बार मांग करते हैं। इसलिए नवजात शिशु के संबंध में यह नियम बनाना बहुत कठिन है की बच्चे को दूध कितना देना चाहिए। यदि आप बच्चे को अपना दूध नहीं देना चाहतीं हैं तो उसे गाय का दूध पानी मिलाकर दे सकतीं हैं। इससे वह दूध हल्का हो जाता है और पचाने में सरल हो जाता है।

बच्चा अगर माँ के दूध देने के बाद भी अगर भूखा प्रतीत होता है तो उसे ऊपर का दूध बोतल के द्वारा देना चाहिए। अधिकतर वो महिलाएं जो कामकाजी होती हैं वो तीन माह के बाद बच्चों को बोतल का दूध देना शुरू कर देतीं हैं। बोतल का इस्तेमाल करते समय आपको बोतल की सफाई का खास ध्यान रखना होगा। इसके लिए बोतल को दिन में दो से तीन बार उबाल कर किटाणु मुक्त कर लें जिससे बच्चे के स्वास्थ्य की रक्षा हो सके।

 इन बातों का ध्यान रखते हुए कम से कम छह माह तक बच्चे को स्तनपान करवाएँ।


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