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क्या आपका बच्चा भी रात को सोते समय दांत पीसता है।

क्या आपका बच्चा भी रात को सोते समय दांत पीसता है।


कहते हैं की बचपन की नींद तो सुहानी होती है। यही वो समय है जब एक बच्चा सब चिंता और परेशानी से मुक्त होकर चैन की नींद सोता है। लेकिन क्या आप इस बात से सहमत नहीं है, क्यूंकी आपका बच्चा ऐसा नहीं कर पाता है। क्या उसकी वजह उसका सोते समय दाँत पीसना है। अगर हाँ तो आपको थोड़ा इस ओर ध्यान देने की ज़रूरत है। यह कोई सामान्य बात नहीं है। आइये आपको बताएँ की रात को बच्चा क्यूँ दाँत पीसता है :

 

ब्रुकसिज़्म क्या है:

बच्चों का रात में नींद में दाँत पीसना एक बीमारी है जिसे ब्रुकसिज़्म कहा जाता है। बचपन में अधिकतर लोग इस बीमारी से परेशान देखे गए हैं। डॉक्टरों का मानना है की अगर आपका बच्चा मीठा खाने का शौकीन है तो वो ब्रुकसिज़्म का शिकार हो सकता है। लेकिन बहुत सारे माता-पिता इस बात से सहमत नहीं हैं। उनका कहना है की उनके बच्चे मीठा बिलकुल नहीं खाते फिर भी नींद में दाँत पीसते हैं। कई बार पेट में कोई शिकायत होने का भी अंदेशा होता है, जो की गलत है। दाँत के डॉक्टरों का मानना है की इस तरह अगर आपके बच्चे को शिकायत बनी रहती है तो इससे उसके दांतों के स्वास्थ्य पर बुरा असर होता है। इससे दांतों के हेल्दीएनिमल निकल जाता है और दांतों में दर्द शुरू हो सकता है।

 

क्यूँ होता है ब्रुकसिज़्म:

मानसिक रोग के विशेषज्ञ मानते हैं की यदि आपका बच्चा नींद में दाँत पीसता है तो इसका अर्थ है की वह किसी न किसी तनाव से पीड़ित है। अगर उसे दिन में अधिक डांट पड़ती है या हर समय गुस्से का शिकार होना पड़ता तो यही तनाव रात को दाँत पीसने के रूप में निकलता है। इसके अलावा और भी कारण होते हैं जैसे:

  1. किसी कारण से आँखों पर ज़ोर पड़ना
  2. हैड बैंड का लंबे समय तक प्रयोग करना
  3. मौसमी बदलाव
  4. साइनस इन्फेक्शन
  5. अपनी बात मनवाने की ज़िद
  6. चाय-काफी का अधिक प्रयोग
  7. हार्मोनल परिवर्तन
  8. आँखों पर नए चश्मे का इस्तेमाल

इन सभी कारणों का अंतिम परिणाम दिमाग पर पड़ने वाला तनाव ही है।

 

उपाय क्या है:

जैसा की आपने देखा की अगर आपका बच्चा नींद में दाँत पीसने की परेशानी में है तो इसका सीधा अर्थ है की वो किसी प्रकार के मानसिक तनाव में है। अब आप तनाव का सही कारण पता करके उसे फौरन दूर करें । अपने बच्चे को प्यार और सहारा देकर उसे मानसिक रूप से शांत करने का प्रयास करें। जब आपका बच्चा मानसिक रूप से अपने आप को सुरक्शित और स्वस्थ समझेगा तो यह नींद में दाँत पीसने की शिकायत अपने आप दूर हो जाएगी। बच्चे को हर समय डांटने के स्थान पर प्यार से उसकी परेशानी समझ कर उसे दूर करने का प्रयास करें । इस तरह आपका बच्चा खुद को आपके और नजदीक समझेगा और अपनी परेशानी को खुल कर आपसे कहने का साहस करेगा। इस प्रकार उसके मस्तिष्क पर पड़ने वाला अनचाहा दबाव खुद ही खतम हो जाएगा।


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